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व्यायाम के प्रकार

के प्रकार - brahma kumaris | official
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आज अनेक प्रकार के व्यायाम प्रचलित है। इसलिए एक साधारण व्यक्ति मुंझ ही जाता है कि मैं कौन सा व्यायाम करूं या कौन सा नहीं करूं। किसी प्रकार का व्यायाम क्यों न हो, स्वास्थ्य के लिए निश्चित रूप से लाभदायक तो है ही, परंतु व्यक्ति अपना नंबर शारीरिक वजन या बीमारी और उनसे जनित विभिन्न विभिन्न अंगों में दुष्प्रभाव को ध्यान में रखते हुए व्यायाम करना उचित है। इसलिए चले पहले हम चर्चा करेंगे कि वास्तव में व्यायाम कितने प्रकार के होते हैं। और फिर बाद में देखेगें कि डायबिटीज बीमारी अगर है तो हमें कौन सा व्यायाम करना चाहिए। आज जितने भी प्रकार के व्यायाम (Exercise) प्रचलित हैं। उन सभी को हम निम्न 4 प्रकार के व्यायाम (Exercise) में रख सकते हैं।

1) एरोबिक (Aerobic) व्यायाम (Exercise)
2) एनएरोबिक (Anaerobic) व्यायाम
3) आसन (Aasanas)
4) प्राणायाम (Breathing Exercise)

1) एरोबिक (Aerobic)

इसे Cardio Respiratory व्यायाम भी कहा जाता है इस व्यायाम को करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है इसलिए एरोबिक कहा जाता है। इसमें हमारा हर्ट तथा रेसिपीरेटरी सिस्टम को सबसे ज्यादा फायदा होता है।
उदाहरण- चलना दौडऩा जोगिंग करना साइकिल चलाना स्केटिंग करना स्विमिंग करना या तैरना अंतरण आदि आदि।

2) एनएरोबिक (Anaerobic) व्यायाम

इसे हम स्ट्रेचिंग और रेसिस्टेंट व्यायाम भी कहते हैं इसमें शरीर के बड़े मांसपेशियां काम करती है। थोड़े समय के लिए इसलिए ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं रहती इसलिए इसे एनएरोबिक एक्सरसाइज कहा जाता है इसमें शरीर की मांसपेशियां मजबूत बन जाती है।
उदाहरण- जिमखाना में जाकर वह घर में भी वजन के साथ व्यायाम करना जैसे कि डोंबल बरबेल आदि रेसिस्टेंट बैंड भी कई इस्तेमाल करते हैं।

3) आसन (Aasanas)

इसे हम फ्लेक्सविलिटी या पोस्रचर व्यायाम एक्सरसाइज भी कह सकते हैं। इसमें शरीर बिल्कुल लचीला बन जाता है परंतु लोग इस प्रकार का व्यायाम को योगा कहते हैं। योग वास्तव में एक मानसिक प्रक्रिया है इसमें शरीर का इतना योगदान नहीं रहता आजकल लोग वज्रासन हलासन सिरसासन तो कहते हैं परंतु इसे योग समझते रहते हैं। परंतु यह सारे व्यायाम में योग है ही नहीं इसलिए इन्हें बज्र योगा हाला योगा या शीर्षा योगा नहीं कहता।

4) प्राणायाम (Breathing Exercise)

इसमें हमारा रेस्पिरेट्री सिस्टम ज्यादा से ज्यादा प्रयोग में भाग लेता है।
उदाहरण- अनुलोम विलोम कपालभाति भस्त्रिका इत्यादि।

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