
शांति की शक्ति से दिन की शुरुआत करें
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“क्या आप भी खोज रहे हैं एक ऐसा स्थान जो बाहरी दुनिया से नहीं, आपके भीतर है? तो यह ध्यान उसी यात्रा की शुरुआत है”
Benefits
यह कमेंटरी हमें याद दिलाती है कि हमारी आत्मा का असली स्वभाव शांत रहना है। शांति हमारे अंदर ही है, बस हमें उसे महसूस करने की जरूरत है। जब हम शिवबाबा (शांति के सागर ) से जुड़ते हैं, तो हमें ऐसा लगता है जैसे सारी टेंशन और परेशानियाँ दूर हो गई हैं और मन एकदम स्थिर हो जाता है।
इस तरह के ध्यान से हमें अंदर से हल्का और शांत महसूस होता है। हमारे मन की फालतू इच्छाएँ कम हो जाती हैं और एक गहरा सुकून ,संतोष महसूस होता है। यह अनुभव इतना अच्छा होता है कि आस-पास का माहौल भी शांत और पॉजिटिव लगने लगता है।
ध्यान के बाद आप खुद को बहुत शांत और खुश महसूस करेंगे...
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Commentary
ॐ शांति। मैं एक आत्मा हूँ। मैं आत्मा शांतस्वरूप हूँ। शांति मुझ आत्मा का निजी गुण है। शांति मेरा असली स्वभाव है। शांति मुझ आत्मा का स्वधर्म है। शांति की शक्ति मुझ आत्मा में समाई हुई है। मैं आत्मा, शांति के सागर शिवबाबा ...
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