नशा मानव समाज के लिए अभिशाप है और दृढ़ संकल्प तथा आध्यात्मिक पाठ्यक्रम के माध्यम से इसे हराया जा सकता है। यह सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक और मानसिक अभिशाप है। नशा परिवार और समाज में तनाव पैदा करता है। इसलिए इसके दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। जब लोग नशे के बुरे प्रभावों को समझेंगे तो निश्चित रूप से इसे छोड़ने की कोशिश करेंगे । नशा समाज का सबसे बड़ा दुश्मन है, इसलिए लोगों को इसके प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने आध्यात्मिकता के जरिए एक स्वस्थ समाज के निर्माण में ब्रह्मकुमारिज़ संस्था के कार्यों की सराहना की । साथ ही 'नशा मुक्त ओडिशा' अभियान की सफलता की कामना की।
नशा: समाज का सबसे बड़ा दुश्मन

माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी
भारतीय राष्ट्रपति, देश के प्रथम नागरिक

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने नशे को सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक और मानसिक अभिशाप बताते हुए कहा कि इसे दृढ़ संकल्प, जनजागरूकता और आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से हराया जा सकता है। उन्होंने ब्रह्मकुमारिज़ के प्रयासों की सराहना करते हुए 'नशा मुक्त ओडिशा' अभियान की सफलता की कामना की।



