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बस शरीर रूपी कपड़ा बदला है : आत्मा तो अमर है

बस शरीर रूपी कपड़ा बदला है : आत्मा तो अमर है

BK Shaifali
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About This Meditation

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जब किसी प्रियजन के चले जाने पर मन अस्थिर हो, तब इस अनुभूति से आत्मा की अमरता को स्वीकार कर शांति और जुड़ाव का अनुभव किया जा सकता है।

Benefits

यह अनुभूति आपको गहरे स्तर पर यह स्वीकार करने में मदद करती है कि जीवन और मृत्यु केवल शरीर के स्तर पर होते हैं — आत्मा न तो जन्मती है, न मरती है। "बस शरीर रूपी कपड़ा बदला है" यह समझते ही आप अपने प्रिय की ऊर्जा को, उनके प्रेम को, अपने चारों ओर महसूस कर पाते हैं।

इससे भावनात्मक हीलिंग होती है, मन हल्का और स्थिर हो जाता है। आत्मा की निरंतरता का यह ज्ञान आपको डर, शोक और बिछड़ने की पीड़ा से मुक्त कर, एक नई आत्मिक समझ और आंतरिक शांति प्रदान करता है। जीवन की गहराई और आत्मा के वास्तविक स्वरूप से जुड़ाव स्थापित होता है — ओम शांति।

Commentary

एक गहरी लंबी सांस लें। अपनी प्रेजेंस को फील करें, और महसूस करें। धीरे-धीरे मेरा मन एक शांत झील की तरह हो रहा है। हर थॉट एक छोटी सी लहर बनकर आता है और शांत हो जाता है। अब अपने मस्तक पर ध्यान दें। मस्तक के बीच एक हल्का सा ...

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