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जब कह न पाए, तब यह मेडिटेशन करें

जब कह न पाए, तब यह मेडिटेशन करें

BK Shaifali
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About This Meditation

Theme

जब मन भारी हो, कई अनकही बातें और भावनाएं अंदर दबा हो, और दिल को हल्का कर आत्मा की शांति चाहिए, तब इस मेडिटेशन को करें।

Benefits

इस मेडिटेशन के बाद एक गहरी भावनात्मक राहत महसूस होती है, जैसे हृदय का हर कोना जिसे बोझ ने जकड़ रखा था, अब खुलकर रोशनी से भर गया हो। उन सभी अनकही बातों, अधूरी भावनाओं को बाहर निकालकर, एक हल्कापन और आंतरिक स्वतंत्रता महसूस होती है।

जैसे-जैसे दिल के पत्थर एक-एक करके हटते जाते हैं, वैसे-वैसे आपके भीतर दिव्य, पवित्र ऊर्जा का संचार होता है।

Commentary

आज अपने मन से मुलाकात करते हैं। मेरा मन मेरा सदा का साथी है। हर अच्छा बुरा अनुभव इस मन के साथ ही है और समय के साथ-साथ इस मन ने बहुत सारा बोझ ले लिया है। कई वर्षों का बोझ है। चलो उसे हल्का करें। गहरी श्वास लें रिलैक्स कर...

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