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प्रेम-आत्मा का सहज गुण
BK Dr. Damini
3 minहिन्दी (Hindi)809 listens28 likes
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About This Meditation
Theme
“ कभी-कभी अपने से और रिश्तों में अपेक्षाएं और शिकायतें होने के कारण हमारे रिश्ते मजबूत नहीं हो पाते।”
Benefits
- इस ध्यान से आप निःस्वार्थ प्रेम की भावना को अपने अंदर स्थिर कर पाएंगे।
- आपके अंदर सबके प्रति स्नेह की भावना आने से आपके रिश्ते और भी मजबूत होंगे ।
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Life stages
Commentary
ओम शांति ! कुछ समय के लिए .. स्वयं को देखते हैं.. पॉइंट ऑफ लाइट.. सेंटर ऑफ द फोरहेड.. भृकुटि के मध्य में.. मैं चमकती हुई आत्मा हूं... प्यार के सागर.. पिता परमात्मा की संतान.. प्रेम स्वरूप आत्मा हूं.. प्रेम.. मुझ आत्मा ...
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