Skip to content
Now Playing
प्रेम-आत्मा का सहज गुण

प्रेम-आत्मा का सहज गुण

BK Dr. Damini
3 minहिन्दी (Hindi)809 listens28 likes
0:003:00

Next in Queue

About This Meditation

Theme

कभी-कभी अपने से और रिश्तों में अपेक्षाएं और शिकायतें होने के कारण हमारे रिश्ते मजबूत नहीं हो पाते।

Benefits

  • इस ध्यान से आप निःस्वार्थ प्रेम की भावना को अपने अंदर स्थिर कर पाएंगे।
  • आपके अंदर सबके प्रति स्नेह की भावना आने से आपके रिश्ते और भी मजबूत होंगे

Commentary

ओम शांति ! कुछ समय के लिए .. स्वयं को देखते हैं.. पॉइंट ऑफ लाइट.. सेंटर ऑफ द फोरहेड.. भृकुटि के मध्य में.. मैं चमकती हुई आत्मा हूं... प्यार के सागर.. पिता परमात्मा की संतान.. प्रेम स्वरूप आत्मा हूं.. प्रेम.. मुझ आत्मा ...

More in Relationships

Same topic and language

Similar Meditations

Broader matches from the same life stage and language

More by BK Dr. Damini

View all

Continue Exploring